Shalini Singh Tomar: Difference between revisions

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| native_place  = Village Nayavas, Gonda, Aligarh, Uttar Pradesh, India
| native_place  = Village Nayavas, Gonda, Aligarh, Uttar Pradesh, India
| education    = बी.टी.सी., परास्नातक (हिन्दी एवं सामाजिक विज्ञान)
| education    = बी.टी.सी., परास्नातक (हिन्दी एवं सामाजिक विज्ञान)
| training_academy = SIRD (State Institute for Rural Development) Lucknow, UPPSC
| training_academy = DIET (District Institute of Education & Training) Kaushambi, Uttar Pradesh
| current_designation = सहायक अध्यापक
| current_designation = सहायक अध्यापक
| department = बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश
| department = बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश

Revision as of 19:34, 8 July 2026


शालिनी सिंह तोमर एक सत्यापित सरकारी अधिकारी हैं। GovPillars पर शालिनी सिंह तोमर (सहायक अध्यापक) के आधिकारिक जीवनवृत्त, सेवा विवरण और महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त करें।

शालिनी सिंह तोमर (शालू सिंह) उत्तर प्रदेश के कौशांबी जनपद की एक समर्पित एवं नवाचारशील शिक्षिका हैं, जिन्होंने प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में अपने रचनात्मक प्रयासों, तकनीकी प्रयोगों और बाल-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से एक विशिष्ट पहचान बनाई है।

वर्तमान में वह प्राथमिक विद्यालय जानकीपुर, सिराथू, जनपद कौशांबी में सहायक अध्यापक के रूप में कार्यरत हैं। उनकी नियुक्ति 10 सितंबर 2018 को हुई। शिक्षा के प्रति समर्पण, विद्यालय के भौतिक वातावरण में सुधार, आई.सी.टी. आधारित शिक्षण और नवाचारों के माध्यम से उन्होंने अपने विद्यालय को एक प्रेरणादायक शिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।


सेवा यात्रा एवं शिक्षण क्षेत्र में योगदान

शालिनी सिंह तोमर ने अपनी शिक्षकीय यात्रा की शुरुआत वर्ष 2018 में की। प्रारंभ से ही उनका उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूर्ण करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए रचनात्मक एवं प्रयोगात्मक शिक्षण वातावरण तैयार करना रहा है।

उन्होंने विद्यालय में आई.सी.टी. आधारित शिक्षा, आकर्षक शिक्षण सामग्री (TLM), कहानी आधारित शिक्षण, कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को शिक्षा से जोड़ने का कार्य किया।

उनके प्रयासों से विद्यालय के भौतिक परिवेश को बेहतर बनाने, बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ाने और अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने में सकारात्मक परिणाम देखने को मिले।

शैक्षणिक एवं रचनात्मक योगदान

शालिनी सिंह तोमर शिक्षा के साथ-साथ साहित्य एवं रचनात्मक लेखन के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। उनकी कई रचनाएँ एवं पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।

प्रकाशित पुस्तकें एवं रचनाएँ

  • ICT की पाठशाला (आई.सी.टी. क्षेत्र में)
  • बरसात का एक दिन
  • संघर्ष और सफलता
  • नदी बहने लगी
  • नवाचार वाटिका
  • नवाचार की पोटली
  • बाल कविताएं
  • बाल मनुहार
  • समृद्ध मंगड नवाचार (सम्पादिका)

इसके अतिरिक्त उन्होंने विभिन्न साहित्यिक मंचों पर काव्य पाठ एवं मंच संचालन में भी सहभागिता की है।

उनकी स्वलिखित कविताओं को विभिन्न संस्थाओं एवं शैक्षणिक मंचों पर स्थान प्राप्त हुआ है।

प्रमुख सम्मान एवं उपलब्धियाँ

शालिनी सिंह तोमर को शिक्षा, नवाचार, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में विभिन्न संस्थाओं एवं विभागों द्वारा सम्मानित किया गया है।

राज्य एवं जिला स्तरीय उपलब्धियाँ

  • चतुर्थ राज्य आदर्श पाठयोजना प्रतियोगिता में चयन एवं राज्य स्तरीय प्रमाण पत्र प्राप्त।
  • ब्लॉक स्तरीय उत्कृष्ट पाठयोजना प्रतियोगिता में प्रथम स्थान।
  • जनपद स्तरीय उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान।
  • शिक्षक दिवस के अवसर पर सम्मानित।
  • जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) कौशांबी के सृजनोत्सव 2023 में नवाचार महोत्सव, TLM मेला एवं कला उत्सव में सम्मान।
  • जनपद स्तर ICT प्रतियोगिता में सहभागिता एवं प्रशस्ति पत्र।
  • जनपदीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता एवं शैक्षिक समारोह 2023-24 में सम्मान।


महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक कार्य

शालिनी सिंह तोमर ने शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।

उनके द्वारा प्रस्तुत "नारी चौपाल" नुक्कड़ नाटक के माध्यम से महिला सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के संदेश को जनसमुदाय तक पहुंचाया गया, जिसके लिए उन्हें:

  • मातृ शक्ति सम्मान
  • मिशन शक्ति (नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी स्वावलंबन) प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।


विद्यालय विकास एवं नवाचार कार्य

उन्होंने विद्यालय के विकास में स्थानीय समुदाय एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से महत्वपूर्ण कार्य किए।

उनके प्रयासों में शामिल हैं:

  • विद्यालय के भौतिक वातावरण को आकर्षक बनाना।
  • शिक्षण सामग्री (TLM) का निर्माण।
  • बच्चों के लिए रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन।
  • पर्यावरण संरक्षण गतिविधियाँ।
  • अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाना।

विद्यालय विकास कार्यों में सभासद द्वारा टाइलीकरण, दीवार निर्माण, कुर्सी-मेज आदि सुविधाओं में सहयोग प्रदान किया गया। विधायक द्वारा भी उनके कार्यों की प्रशंसा करते हुए भविष्य में सहयोग का आश्वासन दिया गया।


पर्यावरण एवं जागरूकता अभियान

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी शालिनी सिंह तोमर ने उल्लेखनीय कार्य किए हैं।

उन्हें निम्न अभियानों में योगदान के लिए सम्मानित किया गया:

  • प्रकृति मित्र अभियान
  • एक पेड़ मां के नाम अभियान
  • पक्षियों के लिए दाना-पानी कार्यक्रम
  • रेड टेप पर्यावरण अभियान


आई.सी.टी. एवं डिजिटल शिक्षा में योगदान

डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने आई.सी.टी. आधारित शिक्षण गतिविधियों को अपनाया। उनके प्रयासों के लिए:

  • ICT की पाठशाला द्वारा सम्मान
  • राज्य स्तरीय कार्यशाला में सम्मान
  • आई.सी.टी. आधारित शिक्षण गतिविधियों में प्रशंसा प्राप्त हुई।


मीडिया एवं सार्वजनिक पहचान

उनके विद्यालय विकास कार्यों, नवाचारों एवं उपलब्धियों को विभिन्न प्रिंट मीडिया माध्यमों द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किया गया, जिससे उनके कार्यों को व्यापक जनमानस तक पहुंच मिली।


व्यक्तिगत विवरण

  • नाम: शालिनी सिंह तोमर(शालू सिंह)
  • जन्म: अनेठा ,सिराथू-कौशांबी(उत्तर -प्रदेश)
  • पति: श्री रामू सिंह(हर्षवर्धन प्रताप सिंह)
  • पुत्र: पार्थ सिंह(यशवर्धन प्रताप सिंह)
  • पिता: श्री विजय बहादुर सिंह
  • माता: श्रीमती माधुरी सिंह
  • भाई-बहन: सूर्य प्रताप सिंह, रवि प्रताप सिंह,डिम्पल सिंह

प्रेरक दृष्टिकोण

शालिनी सिंह तोमर का मानना है कि एक शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि समाज निर्माण का आधार होता है। नवाचार, संवेदनशीलता और निरंतर सीखने की भावना के माध्यम से शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।